Class 9 Hindi · Chapter 4 Notesऐसी भी बातें होती हैं

Class 9 Hindi Chapter 4: ऐसी भी बातें होती हैं Notes. Learn about Lata Mangeshkar's life, career, and contributions to Indian music.

4 topics5 sample MCQs5 practice questions
Chapter contents

Chapter summary

इस अध्याय में यतींद्र मिश्र के लता मंगेशकर के साथ हुए साक्षात्कार का संकलन है। इस साक्षात्कार में लता मंगेशकर अपने संगीत यात्रा, उनके परिवार के साथ बिताए समय, उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के प्रभाव, और उनके संगीत करियर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करती हैं। अध्याय में लता जी के व्यक्तिगत जीवन, उनके संगीत के प्रति समर्पण, और भारतीय संगीत परंपरा के महत्वपूर्ण पहलुओं का वर्णन किया गया है। इस अध्याय से छात्रों को भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा, लता मंगेशकर के जीवन और उनके योगदान के बारे में जानकारी मिलेगी।

What you'll learn

1लता मंगेशकर के जीवन और संगीत करियर के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझें
2पंडित दीनानाथ मंगेशकर के लता मंगेशकर के जीवन पर पड़े प्रभाव को समझें
3भारतीय संगीत की विभिन्न शैलियों और परंपराओं के बारे में जानें
4लता मंगेशकर के संगीत में उनके व्यक्तिगत जीवन और संस्कारों के प्रभाव को समझें
5लता मंगेशकर के संगीत करियर के विभिन्न चरणों को समझें
6भारतीय संगीत में लता मंगेशकर के योगदान को समझें

Chapter at a glance

01पाठ का परिचय और लेखक परिचय
02कहानी की कथावस्तु और मुख्य घटनाएं
03जीवन मूल्य और संदेश
04भाषा शैली और साहित्यिक तकनीकें

Detailed chapter notes

01

पाठ का परिचय और लेखक परिचय

इस अध्याय में यतींद्र मिश्र के लता मंगेशकर के साथ हुए साक्षात्कार का संकलन है। लता मंगेशकर, जिन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया है, भारतीय संगीत के क्षेत्र में अपनी असाधारण योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। इस साक्षात्कार में लता जी अपने संगीत यात्रा, उनके परिवार के साथ बिताए समय, उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के प्रभाव, और उनके संगीत करियर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करती हैं। यतींद्र मिश्र एक प्रसिद्ध लेखक और संगीतकार हैं, जिन्होंने भारतीय संगीत और संस्कृति पर कई पुस्तकें लिखी हैं।

02

कहानी की कथावस्तु और मुख्य घटनाएं

इस साक्षात्कार में लता मंगेशकर अपने बचपन के दिनों, उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के साथ बिताए समय, और उनके संगीत करियर के आरंभिक दिनों का वर्णन करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें संगीत के प्रति प्रेरणा दी और उनके संगीत करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लता जी ने अपने करियर के विभिन्न चरणों, उनके साथ काम किए गए संगीतकारों, और उनके द्वारा गाए गए प्रसिद्ध गीतों के बारे में भी चर्चा की है।

03

पात्रों का विश्लेषण और उनकी भूमिका

इस साक्षात्कार में मुख्य पात्र लता मंगेशकर और यतींद्र मिश्र हैं। लता मंगेशकर भारतीय संगीत के क्षेत्र में अपनी असाधारण योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं, जबकि यतींद्र मिश्र एक प्रसिद्ध लेखक और संगीतकार हैं। लता मंगेशकर ने अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के साथ बिताए समय, उनके संगीत करियर के आरंभिक दिनों, और उनके साथ काम किए गए संगीतकारों के बारे में चर्चा की है। यतींद्र मिश्र ने लता मंगेशकर के जीवन और करियर के विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न पूछे हैं, जिससे पाठकों को लता जी के जीवन और उनके योगदान के बारे में जानकारी मिलती है।

04

जीवन मूल्य और संदेश

इस साक्षात्कार से कई महत्वपूर्ण जीवन मूल्य और संदेश मिलते हैं। लता मंगेशकर ने अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर से सीखा कि जीवन में सच्चाई, समर्पण, और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें यह सिखाया कि जीवन में कभी भी हताश नहीं होना चाहिए और हर मुश्किल को चुनौती के रूप में लेना चाहिए। लता जी ने अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रही।

05

भाषा शैली और साहित्यिक तकनीकें

इस साक्षात्कार में लता मंगेशकर की भाषा शैली सरल और स्पष्ट है। उन्होंने अपने विचार और अनुभवों को सरल और सहज भाषा में व्यक्त किया है। इस साक्षात्कार में प्रश्न-उत्तर की शैली अपनाई गई है, जो पाठकों को लता जी के जीवन और करियर के बारे में जानकारी प्रदान करती है। साक्षात्कार में लता मंगेशकर के व्यक्तिगत जीवन, उनके संगीत करियर, और भारतीय संगीत की विभिन्न शैलियों और परंपराओं के बारे में चर्चा की गई है।

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Quick revision: key points

  • लता मंगेशकर भारतीय संगीत के क्षेत्र में अपनी असाधारण योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • लता मंगेशकर ने अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर से संगीत के प्रति प्रेरणा प्राप्त की।
  • लता मंगेशकर ने अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी।
  • लता मंगेशकर ने अपने जीवन में सच्चाई, समर्पण, और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना सीखा।
  • इस साक्षात्कार में लता मंगेशकर के जीवन और करियर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है।
  • लता मंगेशकर ने भारतीय संगीत की विभिन्न शैलियों और परंपराओं के बारे में जानकारी प्रदान की है।
  • इस साक्षात्कार में प्रश्न-उत्तर की शैली अपनाई गई है, जो पाठकों को लता जी के जीवन और करियर के बारे में जानकारी प्रदान करती है।
  • लता मंगेशकर की भाषा शैली सरल और स्पष्ट है, जो पाठकों को उनके विचार और अनुभवों को समझने में मदद करती है।

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Question 01

यतींद्र मिश्र का जन्म कहाँ हुआ था?

  • Aलखनऊ
  • Bअयोध्या
  • Cइंदौर
  • Dमुंबई
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Answer: (B) अयोध्या

पाठ के अनुसार, यतींद्र मिश्र का जन्म 1977 में अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।

Question 02

लता मंगेशकर के अनुसार, उनके पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर का गुस्सा कैसा था?

  • Aवे बच्चों पर चिल्लाते थे और डाँटते थे
  • Bवे बिना कुछ कहे ही बच्चों को डरा देते थे
  • Cवे बच्चों को पीटते थे
  • Dवे बच्चों से बात नहीं करते थे
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Answer: (B) वे बिना कुछ कहे ही बच्चों को डरा देते थे

लता जी बताती हैं कि पिताजी बस गंभीरता से देखते थे और इतने में ही उनका रोना शुरू हो जाता था, यानी बिना कुछ कहे ही वे डरा देते थे।

Question 03

लता मंगेशकर के अनुसार, उनके पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर का अनुशासन का तरीका कैसा था?

  • Aवे बच्चों को डांटते और मारते थे।
  • Bवे बिना कुछ कहे केवल गंभीरता से देखते थे।
  • Cवे बच्चों को समझाने के लिए लंबे भाषण देते थे।
  • Dवे बच्चों को सजा के तौर पर काम पर लगा देते थे।
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Answer: (B) वे बिना कुछ कहे केवल गंभीरता से देखते थे।

लता जी बताती हैं कि पिता बिना कुछ कहे केवल गंभीरता से देखते थे, जिससे बच्चे समझ जाते थे कि उन्हें क्यों बुलाया गया है।

Question 04

लता मंगेशकर ने अपने पिता से सबसे अधिक क्या सीखा?

  • Aसंगीत की बारीकियाँ
  • Bस्वाभिमान से जीने की प्रेरणा
  • Cअभिनय कला
  • Dव्यवसाय प्रबंधन
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Answer: (B) स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा

लता जी ने कहा कि उन्होंने पिता से सबसे ज्यादा स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा सीखी।

Question 05

साक्षात्कार की शैली के संदर्भ में, लता मंगेशकर का यह कथन 'मैं कोशिश करूँगी कि जो कुछ भी मैंने संगीत में रहते हुए जाना है, उसे आपको बता सकूँ।' किस ओर संकेत करता है?

  • Aऔपचारिक और एकतरफा संवाद की ओर
  • Bआत्मीय और सहज बातचीत की ओर
  • Cकठोर और निर्देशात्मक शैली की ओर
  • Dव्यंग्यात्मक और उपहासपूर्ण शैली की ओर
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Answer: (B) आत्मीय और सहज बातचीत की ओर

यह कथन लता जी की सहजता और आत्मीयता को दर्शाता है, जो साक्षात्कार को औपचारिक न होकर आत्मीय बातचीत बनाता है।

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Sample questions and answers

Sample question3 marks

Q1. यतींद्र मिश्र का परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए।

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Model answer

यतींद्र मिश्र का जन्म 1977 में अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए. किया। वे कविता, संगीत और अन्य ललित कलाओं के साथ-साथ समाज और संस्कृति के विविध क्षेत्रों में गहरी रुचि रखते हैं। उनके तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हुए हैं—'यथा-कथा', 'अयोध्या' तथा अन्य कविताएँ, 'ड्योढ़ी पर आलाप'। इसके अलावा उन्होंने शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी के जीवन और संगीत साधना पर एक पुस्तिका लिखी और 'विजिदे' की ग्रंथावली का सह-संपादन किया।

Sample question3 marks

Q2. लता मंगेशकर के अनुसार उनके पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर की कौन-सी विशेषताएँ थीं? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।

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लता मंगेशकर के अनुसार उनके पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर काल के आदमी थे और अपने काम तथा संगीत में डूबे रहते थे। वे एक राग को गाते हुए उसमें सुर बदलकर नया रूप दे देते थे, जिससे राग नया लगता था। वे अनुशासनप्रिय थे, बिना कुछ कहे ही बच्चों को डाँट देते थे।

Sample question3 marks

Q3. लता मंगेशकर के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषताएँ साक्षात्कार में उभरकर आती हैं? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।

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साक्षात्कार में लता मंगेशकर के व्यक्तित्व की अनेक विशेषताएँ उभरती हैं। वे अत्यंत परिश्रमी हैं, क्योंकि वे सुबह से रात तक एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो तक भागती रहती थीं। वे आत्मसम्मान और स्वाभिमान से जीने में विश्वास रखती हैं, जैसा उन्होंने अपने पिता से सीखा। वे कृतज्ञ भी हैं, क्योंकि वे अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।

Sample question3 marks

Q4. लता मंगेशकर ने अपने पिता से कौन-कौन से जीवन मूल्य सीखे? उन्होंने इन मूल्यों को अपने जीवन में कैसे अपनाया?

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Model answer

लता मंगेशकर ने अपने पिता से स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा ली। उन्होंने सिखाया कि सही बातों पर डटे रहना चाहिए और किसी के आगे झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कभी किसी से पैसे या सामान नहीं माँगा। पिता के देहांत के बाद भी उन्होंने स्वाभिमान के साथ परिवार का पालन किया और कभी किसी के आगे हाथ नहीं पसारे।

Sample question3 marks

Q5. साक्षात्कार की भाषा-शैली की दो विशेषताएँ बताइए और पाठ से उदाहरण दीजिए।

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Model answer

साक्षात्कार की भाषा-शैली सरल, सहज और आत्मीय है। इसमें संवादात्मक शैली है, जिसमें प्रश्नकर्ता यतींद्र मिश्र और उत्तरदाता लता मंगेशकर के बीच अनौपचारिक संवाद होता है। उदाहरण के लिए, लता जी 'दीदी' कहकर संबोधित करती हैं और 'आप पूछिए, मैं आपके प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हूँ' जैसे वाक्यों में आत्मीयता और विनम्रता दिखती है। भाषा में मराठी और हिंदी के मिश्रण के उदाहरण भी मिलते हैं, जैसे 'गाव गेला वाहुनी, नाव गेला राहुनी'।

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Frequently asked questions

लता मंगेशकर के पिता का नाम क्या था?

लता मंगेशकर के पिता का नाम पंडित दीनानाथ मंगेशकर था।

लता मंगेशकर को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है?

लता मंगेशकर को 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया है।

लता मंगेशकर ने अपने संगीत करियर के आरंभिक दिनों में किसके साथ काम किया?

लता मंगेशकर ने अपने संगीत करियर के आरंभिक दिनों में अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के साथ काम किया।

लता मंगेशकर ने अपने जीवन में किस प्रकार के जीवन मूल्य सीखे?

लता मंगेशकर ने अपने जीवन में सच्चाई, समर्पण, और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना सीखा।

इस साक्षात्कार में किस शैली का उपयोग किया गया है?

इस साक्षात्कार में प्रश्न-उत्तर की शैली का उपयोग किया गया है।

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